Saturday, 9 August 2014

स्नेह--सूत्र

स्नेह-सूत्र सज उठा कलाई पर , 
अभिमान बहन को हुआ भाई पर 
बने साक्षी अक्षत रोली , 
घेवर ने मिठास है घोली 
स्मृतियों की आँख मिचौली 
नयन बोलते अश्रू बोली 

गले मिल रहे बहन-भाई 
रक्त-सम्बन्ध ने ली गहराई
हर रिश्ते की आन तू रखना
भाई मेरा मान तू रखना

भावुकता ने भाई को घेरा 
बहन तू सम्मान  है मेरा !
राखी पर्व आ गया भाई
आप सबको बहुत बधाई  



6 comments:

  1. सुन्दर रचना !
    रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ !
    सादर !

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    1. आपको भी बधाई शिवनाथ जी :)

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  2. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें।

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    1. धन्यवाद राजेन्द्र जी .....:)

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  3. रक्षाबंधन की बधाई ...सुन्दर रचना ...

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    1. धन्यवाद दिगंबर जी :)

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