Saturday, 8 June 2013

लघु कथा

बात उस दिनों की है जब जंगल हुआ करते थे -------------
कई जानवर ,मरे जानवरों को खाकर वहां की गंदगी हटा देते थे उनमें लोमड़ी और गिद्ध प्रमुख थे 
जंगल रहे नहीं मानव भेष धर गिद्ध और लोमड़ी ने शहर की राह पकड़ी ...
जंगल को साफ़ करने वाले अब समाज को प्रदूषित कर रहे हैं ......

9 comments:

  1. आज के हालात की सही तस्वीर

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    1. स्वागत वर्माजी

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  2. अब कंक्रीट के जंगल में वे सियार और गिद्ध रहते है
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    1. सही कहा आपने ...आभार कालीपद जी

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  3. बहुत सटीक अभिव्यक्ति...

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    1. आभार कैलाश जी

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  4. जंगल मे शेर भी हुआ करता था...वह अब शहर की राह पकड़ चुका है.

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  5. सटीक व्यंग है आज की स्थिति पर ...

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    1. आभार दिगंबर जी

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