Tuesday, 19 April 2016

अच्छा प्रयास

नई सरकार बनने के बाद अब तक तीन ऐतिहासिक चीज़ें जो किसी भी कारण से बाहर थी वापस देश आ चुकी हैं !
2015 अक्टूबर----जर्मनी के चांसलर ने दसवी शताब्दी की माँ दुर्गा की मूर्ति वापस की जो 1990 में चोरी हुई थी और 2012 में जर्मनी के संग्रहालय में पायी गयी थी |
कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री 'स्पिफैन हार्पर' ने 'पैरट लेडी' नामक मूर्ती वापस की और ऑस्ट्रेलिया के तब के प्रधानमन्त्री टोनीएबट ने भारत दौरे के दौरान भारतीय पुरात्तव विभाग को उसके महत्व की चीज़ें लौटाई थी |अगर भारत कोहिनूर लाने में सफल रहता है तो एक और सफलता होगी |



Saturday, 2 January 2016

इण्डिया नहीं भारत

एक प्रयास हम सब कर सकते हैं 
भारतवर्ष या भारत को इंडिया कहने से तो बचना होगा 
विशेषतया आज की पीढ़ी से गुज़ारिश इंडिया कहना बन्द कर दें देश हित में तो अच्छा नही बहुत अच्छा रहेगा
इसका अर्थ भी कोई अच्छा सन्देश नही देता 
भारत कितना सुंदर शब्द है 'भारत'!!!!
सोचना तो सरकार को भी चाहिए कितनी भी लम्बी प्रक्रिया हो लेकिन इस दिशा में कदम अवश्य उठाना चाहिए
वैसे हम अपने स्तर पर तो भारत कहना शुरू कर ही सकते हैं
जय भारत जय भारती वंदे मातरम्

Thursday, 23 October 2014

दीपावली आप सबके लिये मंगलमय हो, शुभ हो ....

परंपरागत दीप का भारतीय प्रकाश ही चहुँ ओर फैलायेँगे ! 
मिष्ठान भी देसी ही खायेँगे खिलायेँगे ।
दीपोत्सव मिल कर मनायेँगे !
दीपों का ये पर्व सबके लिए ढेरों खुशियाँ ले आये 
दीपावली आप सबके लिये मंगलमय हो, शुभ हो




Thursday, 4 September 2014

गुरु उत्सव

कदम-कदम पर समय-समय पर अनेक शिक्षकोँ का मार्ग दर्शन ही यहाँ तक ले आया । 
कई लोगोँ का स्थान हमारे मन मेँ विशिष्ट बन जाता है वो हमेशा याद रहते हैँ लेकिन योगदान सबका होता है ।
 प्राइमरी स्कूल से लेकर काँलेज तक की यात्रा रोचक रही , ज्ञानवर्द्धक रही बहुत स्मरणीय रही । 
बहुत से लोगोँ का सहयोग मिला आज नही जानती कौन कैसे हैँ ,कहाँ हैँ ..????
लेकिन अपने सभी शिक्षकोँ की , गुरुजनोँ की,मार्ग दर्शकोँ की ह्रदय से आभारी हूँ , कृतज्ञ हूँ।

जय हो मेरे सभी गुरुजनोँ की 

गुरु उत्सव

कल मोदीजी के भाषण हेतु व्यवस्था और आलोचना के बीच हुआ वाद-विवाद  कल बहुत से आलोचकोँ के बीच शायद फिर वाद-विवाद का वातावरण हो 
लेकिन मैँने सिर्फ मोदीजी को सुनने का निर्णय किया है  
वैसे आज बस मेँ मैने बहुत से बच्चों से पूछा कल जाओगे या छुट्टी ? जायेँगे आँटी ! 
मन से या डर कर ? आँटी मन से जायेँगे  कल 12 बजे जाना है...:)

Saturday, 23 August 2014

मैं मुंबई से प्रभलीन------------

कल रात (23.8.14) रात 12.4 का समय था लाईट नहीं थी , मैं  यूँही फोन पर FB खोल रही थी ...........
अचानक फोन बज उठा ........मैंने उठाया ............
हेल्लो ....
आप अरुणा जी बोल रही हैं ......?
जी ....
आप अरुणा सक्सेना जी बोल रही हैं .....?
जी हाँ ..........आप ???
मैं मुंबई से प्रभलीन संधू बात कर रही हूँ ....(एक मीठी आवाज़ )........!!!!!!
मैं हैरान ..!!!!!!        .....क्या ??
कोई मज़ाक तो नहीं ......?????....सच में प्रभलीन संधू ...??
हाँ जी कोई मज़ाक नहीं ,सच है मैं आप से बात कर रही हूँ ...........
और अगले आधे घंटे मेरे पैर ज़मीन पर नहीं थे .........
मैंने किस तरह बात की ,क्या कहा ....कुछ याद नहीं
हाँ उसने मेरे बनाए पेज की प्रशंसा में ज़रूर कहा ....
अपने कुछ ख़ास प्रशंसकों 'शुभम श्रीवास्तव' ,
'निधि भूषण' और 'दीक्षा शर्मा' को याद किया ..........
उसने बताया कि अज तक उसने "आपकि अंतरा" नहीं देखा
'हम तो काम करते हैं और बस' ....................:)
है न कमाल ........?????
मैंने कहा अगर तुम टी वी पर आओगी तो तुम्हारे फेन ज़्यादा खुश होंगे ....
बोली ............'आफ़र तो हैं पर अभी मैं फिल्म करना चाहती हूँ' ..........

............करीब 30 मिनट बात हुई
लेकिन मेरे लिए वो आधा घंटा  बड़ा 
महत्वपूर्ण .......स्मरणीय........स्वर्णाक्षरों में लिखा जाने वाला रहा .....:)
#Prabhlein Sandhu
तुमने मेरे प्यार और अपनेपन का बहुत खूबसूरत सिला दिया प्रिन्सिज़ !!!
बड़ा प्यारा था तुम्हारा सरप्राइज़ , बहुत ही बढ़िया
तुमने जो कुछ किया लाजवाब था हमेशा की तरह..|
मुझे एक अनमोल सौगात दी..........:)















..............प्रभलींन के संपर्क में मैं करीब चार साल से हूँ ,
करीब और करीब होती जा रही हूँ हमेशा उसे मैसेज करती हूँ, वो भी अक्सर जवाब देती है 
कई बार मैसेज पर बात करती है .........
मैं हमेशा उससे अनौपचारिक बात करती हूँ .....
कल भी मैंने उससे बिना किसी ओपचारिकता के बात की
मुझे पूरा सम्मान देती है .....
मुझे लगा ही नहीं मैंने तुमसे पहली बार बात की प्रभलीन....:)
हाँ बहुत कुछ था कहने को पर ज़्यादा कह नहीं पायी .........ऐसा होता है अक्सर .......!!
बहुत दिन से उससे मिलने या फोन पर बात करने का मन था....
एक सपना है वो मेरे घर आये लेकिन ..लेकिन ...लेकिन .........
मिलना तो अभी संभव नहीं था मैंने उससे फोन पर बात करने की इच्छा ज़ाहिर की और कल अचानक वो दिन आ गया

एक बात कहूँ # Prabhlein Sandhu मुझे विश्वास था कि एक दिन ऐसे ज़रूर आएगा
 कब .........? ?     ये नहीं मालूम था .....:)
बस एक ही बात कहनी है कि तुम सही मायने में सैलिब्रिटी हो ....:)
 तुम्हारी निगाहें  आसमान पर और कदम ज़मीन पर हैं .......
जो सफलता का मूल मंत्र है .....
मैं खुश ......बहुत खुश  तुम्हारे लिए ...........













शुक्रिया , .धन्यवाद , आभार प्रिन्सिज़ .
मुझे याद करने के लिए .मेरी एक इच्छा को पूरा करने के लिए ......

सचमुच बहुत अच्छी हो तुम ............बस ऐसे ही कभी -कभी याद करती रहना ..:).....
और तुम्हारी एक अमानत है मेरे पास ........

'मेरे हाथ का प्यार से बना खाना !!!!
स्वाद हो न हो पर प्यार से और मन से बना हुआ'............

वो अमानत तो तुम्हे ले ही जानी होगी कभी न कभी देखते हैं कब आता है वो दिन .......??????..............हा हा हा ......... 
मेरा ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं हमेशा तुम्हारे साथ हैं, हमेशा रहेंगी .......
अपने क्षेत्र में आगे , आगे और और आगे बढती जाओ ........खूब नाम कमाओ ...........:))))))

Saturday, 9 August 2014

स्नेह--सूत्र

स्नेह-सूत्र सज उठा कलाई पर , 
अभिमान बहन को हुआ भाई पर 
बने साक्षी अक्षत रोली , 
घेवर ने मिठास है घोली 
स्मृतियों की आँख मिचौली 
नयन बोलते अश्रू बोली 

गले मिल रहे बहन-भाई 
रक्त-सम्बन्ध ने ली गहराई
हर रिश्ते की आन तू रखना
भाई मेरा मान तू रखना

भावुकता ने भाई को घेरा 
बहन तू सम्मान  है मेरा !
राखी पर्व आ गया भाई
आप सबको बहुत बधाई