Sunday, 24 January 2021

कोरोना

कोरोना  कविता

समाचार ,एक चीन से आया
महामारी ,कोरोना लाया
अदृश्य है, शत्रु छोटा सा 
विश्व लगा ,रुकता-थमता सा
दूर रहो ,मत हाथ मिलाना
करो नमस्ते ,पास न जाना
हमले उसके ,बहुत बढ़ गए
 बन्द सभी ,घर-घर में हो गए
खेल-कूद और पार्क छूट गया
दोस्तों का साथ रूठ गया
नया मित्र अब मास्क बन गया
दस्ताना भी खास बन गया
बहुत हुई उसकी मनमानी
हम बच्चों ने है अब ठानी
चेन तोड़नी ,घर पर रह कर 
कुछ पढ़ कर और ,कुछ खा-पीकर
अपना ध्यान सभी को रखना,
बार-बार हाथों को धोकर

जल्द ही ,वो दिन आएगा
हर बच्चा मुस्कायेगा
बन्द घरों से हम निकलेंगे
बचपन खिलखिलायेगा
उछल-कूद, हम खूब करेंगे
जी भर कर हम गले मिलेंगे
पार्क हंसेंगे ,खिलखिला कर
कोरोना हार जाएगा
और डर कर भाग जाएगा 
🤗🤗🤗🤗👏
#कोरोना

Tuesday, 12 January 2021

किसान आंदोलन

किसानों की एक पद यात्रा 2014 से पहले भी हुई थी
(समय ठीक से ध्यान नहीं ) जब कृषि मंत्री के रूप में जयराम नरेश थे । वो पदयात्री अपने साथ सत्तू, दाल-चावल आदि लेकर पैदल चले ।बड़ी अनुशासित पद यात्रा थी 😊 न कोई अराजकता, न अवरुद्ध मार्ग और न ही कोई विलासिता।
 सच में सीधा-सच्चा भारतीय किसान जो अपनी मांग लेकर दिल्ली दरबार पहुंचने के प्रयास में था ।
जय राम नरेश गए और झांसा देकर सीमा से ही विदा किया ।
 तब सत्ता आज के आंदोलनकर्ता और उनके मठाधीशों के पास थी आज पासा पलट गया और तब के सत्ताधारी और उनके गुर्गे सड़कों पर हैं

Monday, 4 January 2021

कोरोना वैक्सीन

प्रतिभा सम्पन्न भारत की ,प्रतिभा का लाभ सदैव दूसरे देशों ने उठाया ☹️☹️
देश निर्माण करना लक्ष्य होता तो कुछ सोचते भी ,!!
भारत की विदेशी सरकार को तो आयात में ही आस्था रही , स्वदेशी व्यवस्था पचा नही पा रहे विदेश भक्त 😊
अपने ही वैज्ञानिको की बनी वैक्सीन गिड़गिड़ा कर आयात करते तो ये सारे विरोधी आज सिवैंई खा रहे होते बना कर ।
गुलाम मानसिकता स्वदेशी वैक्सीन स्वीकार नही कर पा रही 😊
करो बहिष्कार 😏😏 
हमें तो गर्व है अपने वैज्ञानिकों पर , उनकी सफलता पर
जय भारत, जय विज्ञान
वन्दे मातरम
 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Monday, 14 September 2020

हिंदी दिवस

१-पंख फैलाए बांह पसार 
हिंदी पहुंची जन -जन द्वार 
२-अभिव्यक्ति को सरस बनाए 
सामर्थ्य की झलक दिखाए .
३-मान राष्ट्र भाषा का पाया 
हर मन में स्थान बनाया 
४-लम्बी थी ये बहुत लड़ाई 
यूँ ही नहीं अस्तित्व में आई
५-माँ समझे ,हर हिंदी भाषी 
हिंदी थी इतनी अभिलाषी 
६- विश्व में मिल रहा सम्मान
हिंदी भाषी का अभिमान
सभी हिंदी भाषियों को शुभकामनाएं
😊🙏🇮🇳⛳

Wednesday, 9 September 2020

कादम्बिनी बनी अतीत

अभी पढ़ा 'कादम्बिनी' और 'नंदन' का प्रकाशन बन्द हो रहा है 
दुखद है !!  दोनो ही स्तरीय पत्रिका रहीं ,लेकिन शायद पाठक नही जुटते होंगे 
पुस्तक प्रेमी हम भी कहाँ पढ़ पाते हैं 
कुछ समयाभाव में , जीवन की आपा-धापी तो धीरे-धीरे रुचि भी कम हो ही जाती है
अंर्तजाल की माया भी है बहुत कुछ
हमारा बचपन चंपक, नंदन,धर्मयुग, कादम्बिनी और NBT के बाल साहित्य के बीच बीता
धर्मयुग से नाता तभी टूटा जब बन्द हो गया
साप्ताहिक, शायद पाक्षिक और आकार भी छोटा हो गया था लेकिन हमने साथ नही छोड़ा
जब धर्मयुग ने मुँह मोड़ा तभी अलग हुए
साहित्य प्रेमी माता-पिता के राज में केवल पुस्तक नहीं ,अच्छे साहित्य से घनिष्टता रही 
विरासत में मिला हमें पुस्तक प्रेम , लेकिन समय - समय की बात ,  कारण बहुत से रहे ,आगे नही बढ़ पाया
पिछले कई वर्ष से नए संस्करण नही पढ़े
जब समय मिलता है , वर्षों पूर्व के संस्करण आज भी अच्छा साथ देते हैं
अगली पीढ़ी में कुछ बच्चे आगे बढ़ा रहे हैं , पता नही कब तक बढ़ेगा
पहले छुट्टियां इन्ही के साथ बीतती थीं 🤗
चर्चा इन्ही पर होती थी, यात्रा के अच्छे साथी थे
सालों पुरानी कुछ कादम्बिनी और कुछ अन्य पुस्तकें आज भी धरोहर के रूप में सुरक्षित हैं 
सम्बन्ध नही था वर्षों से लेकिन ये समाचार पढ़ा तो कुछ टूटता सा लगा 😕
कुछ पुराना समय सामने आ खड़ा हुआ 
ये भी बनने चले अतीत
समय के साथ परिवर्तन को स्वीकारना और स्मृति पोटली दबाए ,आगे बढ़ना ही जीवन है
जय सिया राम 🙏🙏

Friday, 14 August 2020

स्वतन्त्रता का दिन

बलिदानियों के समक्ष नतमस्तक से प्रारम्भ कर सुनहरे भारत की चमक बढाने के हर कदम का उल्लेख लाल किले की प्राचीर से !!🇮🇳🇮🇳
कुछ और गर्वित पलों को समेट लिया
 भारतीय इतिहास ने👍 सौभाग्य हमारा कि हम साक्षी बन सके भारत के गौरवशाली पलों के 
हमें गर्व है आप पर 
भारत माता की जय 🇮🇳🇮🇳
जय श्री राम 🙏🏻🙏🏻

#15अगस्त
#लाल_किला
#नरेंद्र_मोदी

Thursday, 6 August 2020

धर्मनिरपेक्षता रूपी पाखंड

जब छोटे थे तो फिल्मी कलाकार और क्रिकेटर अलग ही दुनिया के लगते थे 
उन्हें ही मानते थे नायक-नायिका और आदर्श 
पहुंच से बाहर , कुछ पढ़ने को मिल गया और एक छवि बन गयी ,लेकिन आज नई तकनीक, नए माध्यम ,
लगता है धरती तो धरती ,ब्रह्मांड सिमट आया है आस-पास ..और जैसे मोह भंग हो गया 🙄
'दूर से सुहावने ढोल' जैसी ही बात है
 हर जगह न सब बुरे होते हैं न ही सब अच्छे 
लेकिन भारत जैसे सनातनी देश में बड़े-बड़े नाम वाले लोग कल चुप रहे 🤔
देश का इतना बड़ा दिन, सैंकड़ो वर्षों के संघर्ष के बाद #अयोध्या जगमग हुई तो मुँह पर  धर्मनिरपेक्षता का ताला लग गया 😏😏
सब कुछ व्यवसायिक दृष्टिकोण से देखा जाता है
धर्मनिरपेक्षता के आवरण में लिपटे ,बड़े स्वार्थी लोग हैं 
इस कथित धर्मनिरपेक्ष वर्ग का बहिष्कार करो😡
चाहे फिल्मी समाज हो , खेल जगत या कोई भी हो
सारे पाखंड और आदर्श पर्दे के लिए हैं 
खोखले, पाखंडी लोग 😏😏
#जय_श्री_राम
#पाखंड