Saturday, 15 October 2011

माँ

माता -पिता को याद करने के लिए हम किसी दिन के आधीन  नहीं हैं.
लेकिन मम्मा ..क्यों कि  आज का दिन सभी माताओ को समर्पित है ...
तो वो यादें जो कभी धुंधलाई भी नहीं ..
आज और मुखर हो गयी हैं
और इस रिश्ते को शब्दों  में नहीं समेट सकते     
सच हम सब बहुत याद करते है आपको 

माँ शब्द एक खूबसूरत, व्यक्तित्व की पहचान है  
माँ तुझ पर मुझे, बड़ा ही अभिमान है  
लिपटी थी आँचल में तेरे, अनुभव मीठे -मीठे घेरे  
क़र्ज़ है माँ दूध का तेरे , यादें दिल में करें बसेरे  
साया दुःख का कभी ना आया , दुःख का बादल कभी ना छाया  
जब तक साथ रहा माँ तेरा , दुःख को तुने दूर भगाया  
सर  पर  तेरे आँचल को माँ , आज भी मैंने अपने पाया  
तेरी ममता के आँचल में , एहसास सदा अनोखा पाया  
यादों में तू सदा रहेगी , कमी ये तेरी सदा खलेगी

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