मेरे पिता कहा करते थे , कि जिंदगी गणित की तरह होती है |
जिसमे आसान और कठिन समस्या ही समस्या होती हैं ,
लेकिन हल सबका होता है |
सिर्फ धीरज के साथ हल निकालो , जब कभी खुद हल न निकले तो दूसरे की मदद लो लेकिन सफल होने की कोशिश करो....
वो खुद भी बहुत शांत और सुलझे हुए व्यक्ति थे
हमने उन्हें कभी भी आक्रामक और धर्य खोते हुए नहीं देखा
परिस्थितियां कैसी भी हो , वो शांत रहते थे .
आज जब खुद को कहीं घिरा पाती हूँ तो उनकी ये आशावादी बात मुझे याद आती है पर कई बार हल नहीं निकलता.
काश आप होते आज पिताजी !!!!!!!!!
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